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राज्य / बिहार

तेजस्वी का आरोप: मंत्री जीवेश मिश्रा ने पत्रकार को पीटा, वीडियो साझा कर सरकार से उठाए सवाल

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दरभंगा/पटना, 17 सितंबर 2025 – बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार में शहरी विकास एवं नगर निकाय मंत्री जीवेश मिश्रा पर पत्रकार की पिटाई का गंभीर आरोप लगाया है। तेजस्वी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि दरभंगा में एक होनहार अतिपिछड़ा समाज से आने वाले पत्रकार ने क्षेत्र की जर्जर सड़कों को लेकर सवाल पूछा, जिसके बाद मंत्री ने रात के अंधेरे में उसे बेरहमी से पीटा और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।

तेजस्वी ने मंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि “नकली दवा बेचकर लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले और दवा चोरी में सजायाफ्ता मंत्री जीवेश मिश्रा, नीतीश कुमार की कैबिनेट में बैठकर पत्रकारों पर अत्याचार कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या ऐसे मंत्री के खिलाफ कार्रवाई होगी और क्या मीडिया इसकी बहस करेगा।


मंत्री का पक्ष – आरोपों से इनकार

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री जीवेश मिश्रा ने सभी आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना की कोई जानकारी नहीं है और एसडीपीओ से रिपोर्ट मिलने के बाद ही वे कोई टिप्पणी करेंगे। मंत्री ने इसे राजनीति से प्रेरित आरोप बताया।


दरभंगा में क्या हुआ था?

दरअसल, यह घटना रविवार शाम दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के रामपट्टी गांव की है। मंत्री जीवेश मिश्रा एक कार्यक्रम में पहुंचे थे, जहां समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़प हो गई। इसी दौरान एक युवक माइक लेकर उनसे सड़क निर्माण को लेकर सवाल पूछने पहुंचा। मंत्री ने जवाब दिया कि सड़क स्वीकृत हो चुकी है। इसके बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। गांव के दिवाकर साहनी उर्फ दिलीप साहनी गंभीर रूप से घायल हो गए।

मारपीट के दौरान मंत्री की गाड़ी पर भी हमला किया गया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रशासन की दो गाड़ियों को भी ग्रामीणों ने घेर लिया। पुलिस को भारी मशक्कत के बाद मंत्री का काफिला सुरक्षित निकालना पड़ा।


राजनीतिक विवाद बढ़ा

तेजस्वी यादव द्वारा लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। एक तरफ विपक्ष मंत्री के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है तो वहीं मंत्री पक्ष इसे झूठा और भ्रामक बता रहा है। मामला अभी जाँच के अधीन है, जबकि मीडिया और जनता इसकी पुष्टि का इंतजार कर रहे हैं।

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